तुमने इरादतन कही कुछ बातें
मेने आदतन यूँही जवाब दे दिया
जो गुज़रीं बीते वक़्त में
उन सब बातों का हिसाब दे दिया||
मुमकिन होता हर कोई माँग लाता
वक़्त की तिजोरी से लम्हे उधार
हमने जानकर भी तुम्हारी आदतें
तुमको ये तोहफ़ा फिर एक बार दे दिया।।
लगता है अब ख़ुद को बदलना होगा
इन मौसमों की तरह
नए रंग में अब ढलना होगा
कहने सुनने को अपना वक़्त बेहिसाब दे दिया
इरादतन अब मेने जवाब दे दिया।।।