सुबह भी तुझमें,
शाम भी तुझमें,,
राम भी तुझमें,
और जाम भी तुझमें।
..........
रुके रुके बहुत वक्त हो गया चलो अब कही चलते है ,
दोस्ती बहुत हो गई अब दोस्ती के आगे बढ़ते है।
- Anuj Vishwakarma


सुबह भी तुझमें,
शाम भी तुझमें,,
राम भी तुझमें,
और जाम भी तुझमें।
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रुके रुके बहुत वक्त हो गया चलो अब कही चलते है ,
दोस्ती बहुत हो गई अब दोस्ती के आगे बढ़ते है।
- Anuj Vishwakarma