गुलाब के लिए कांटो से टकराने में भला क्या भला है, कल्पना का जीवन ही अच्छा है मेरे दोस्त रूबरू होना तो उससे भी बुरा है।
- anuj Vishwakarma


गुलाब के लिए कांटो से टकराने में भला क्या भला है, कल्पना का जीवन ही अच्छा है मेरे दोस्त रूबरू होना तो उससे भी बुरा है।
- anuj Vishwakarma