साँसों ने मजदूरी की
कमाया एक पल
पल-पल को जोड़कर
जमा करी दो-घड़ी
और वह भी आज
कोई लूट कर ले गया...
सोचता हूँ
रिपोर्ट लिखवा दूँ
लेकिन कहाँ...?
अब इस शहर में लुटेरे बहुत है...।
__________
अनुज खर्ब


साँसों ने मजदूरी की
कमाया एक पल
पल-पल को जोड़कर
जमा करी दो-घड़ी
और वह भी आज
कोई लूट कर ले गया...
सोचता हूँ
रिपोर्ट लिखवा दूँ
लेकिन कहाँ...?
अब इस शहर में लुटेरे बहुत है...।
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अनुज खर्ब