सुबह के अलसाए हुए शरीर की

वो पहली नींद हो तुम

जिसकी चाह

रात भर सोने के बावजूद

सुबह थोड़ी और मिल जाने की

मन में हमेशा बनी रहती है...।

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अनुज खर्ब