तुम रोटी के सवाल करना

मैं आंकड़े लिख दूँगा

रंगीन टेंट में

मंच पर खड़े होकर आज

मैं भूखे को भाषण दे दूंगा।


तुम बार-बार रोजगार कहना

मैं विपक्ष पर आरोप मढ दूँगा

तुम बाढ़ में हाहाकार करना

मैं राहत पैकेज दे दूंगा।


तुम अर्थव्यवस्था की बात करना

मैं घोषणाएं कर दूंगा

तुम सरकार की आलोचना करना

मैं इतिहास की बात छेड़ दूँगा...।

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अनुज खर्ब