मेरे इन ख्वाबों मेंकुछ देर यूँ तुम्हारा ठहर जानाये लुत्फ़ भीमुझे अपनी उम्मीद से कहीं ज्यादा लगता है...।_________अनुज खर्ब
मेरे इन ख्वाबों मेंकुछ देर यूँ तुम्हारा ठहर जाना
ये लुत्फ़ भीमुझे अपनी उम्मीद से कहीं ज्यादा लगता है...।
_________अनुज खर्ब