गूंगी हुई दीवारों पर

अक्सर पोस्टर चस्पा हो जाते हैं

शहर की इन गलियों में

उजाले भी काले हो जाते हैं...।


~अनुज खर्ब/ Anuj Kharb - अनुज खर्ब