कल रात वह मेरे सपनो में आकर बोले कि मुझे प्यार है तुमसे। बस हमने भी पट से कह दिया मुझे भी। फिर क्या था प्रेम कहानी शुरू हो गयी। बातों और मुलाकातो का सिलसिला स्टार्ट हो गया। अब कसमे और वादे होने ही लगे थे कि नोंक-झोंक ने हमे जकड़ लिया। वो अड़ गए और हम भी सीना तान के खड़े हो गए। फिर क्या था कब हक़ शक में बदल गया पता ही नहीं चला।


ग़म ने कुछ ऐसा घेरा कि तनहाई सताने लगी और ज्यों ही हम टूटा हुआ दिल लेकर सड़क पर निकले कि नैन उलझ गए फिर कही। दिल हिलोरे लेने लगा, और हमसे रहा नहीं गया, हम आख़िर में समर्पण कर बैठे।


कमबख़्त गोताखोर हो गए थे तो डूब जाने का खतरा कम था इसीलिए हमने छलांग लगाना ही उचित समझा।फिर से मुहब्बत के गीत गुनगुनाने लगे, पंछी चहचहाने लगे और हम भी कहा रुकने वाले थे, हम भी हो लिए संग संग। चैट में कुछ ऐसे उलझे कि नाश्ते से लेकर डिनर तक सब यही होने लगा। रात को जागकर प्यार के तुर्रम खां खुद को साबित करने लगे और फ़ोटो लगाकर हम भी चर्चा में आम हो गए।


फिर हुआँ यूँ हम कब ख़ास से आम हो गए और प्यार के सारे तोते सरेआम हो गए। फिर दिल टूटा और हम गुमसुम से खोये खोये हो गए कि अचानक फिर नैन कैद हो गए।


इस बार गलती हमारी नहीं थी लेकिन शरीफ़ तो हम भी नहीं थे , हम भी थोड़े पके आम हो गए।हाथो में हाथ डाले हम घूमे कुछ इस तरह कि ये हमारी बेग़म और हम बादशाह हो गए। रियासत में हमारी चाँद तक लाने की बात हुई और हम भी कहाँ पीछे थे लगे हाथ सितारों से भी मुलाक़ात हुई।


लेकिन फिर एक बार ग्रहण लग गया था और हम आसमान से सीधे ज़मीन पर लैंड हो गए।ख़ैर हम अब मंझे हुए खिलाडी थे, प्रेशर में फ्रंटफुट पर खेल गए और पिच पर जमकर, दे दनादन स्कोर कर गए। हमने सामने आते चांस को तुरंत लपक लिया और फिर एक बार

सुर के मालिक हो गए। सरगम से धुन तक सारी तान बजा डाली और इस बार रॉक के शौकीन हो गए।कमबख़्त दिल के तार एक बार फिर टूट गए और हम पुराने को छोड़ नए की खोज में निकल गए।


हम भी फिर तैयार हो चमचमाकर स्टाइल में खड़े हो गए , तभी सनसनाती हुई चप्पल हमारे मुखमंडल पर सुसज्जित हुई, और आँखे खोलते ही मम्मी पछाड़ देने के लिए सामने खड़ी हो गयी। हमने पहले सरेंडर किया लेकिन काम बनता न देख हमने भगोड़ा होना ही स्वीकार किया। 


 नोट- कृपया सभी से निवेदन है कि सपने देखने अच्छी बात है लेकिन माता की अवज्ञा करके देखने में हानि आपकी ही है क्योंकि माता कब रोद्र रूप धारण करके तांडव करेंगी कोई नहीं जनता। जल्दी उठे और माता की आज्ञा का पालन करे।


अनुज खर्ब