
बिस्तर पर लेटे हुए
आपस में पैरों को चिपकाए
उलझती हुई टांगों के किनारे
अँगूठे को छेड़ती उँगलियाँ
आज शरारत कर रही हैं।
दिमाग और शरीर का कनेक्शन
आज अचानक लूज़ हो चला हैं
साँसों की आवाजाही में
कोई गतिरोध नहीं
दिल
Read More! Earn More! Learn More!

बिस्तर पर लेटे हुए
आपस में पैरों को चिपकाए
उलझती हुई टांगों के किनारे
अँगूठे को छेड़ती उँगलियाँ
आज शरारत कर रही हैं।
दिमाग और शरीर का कनेक्शन
आज अचानक लूज़ हो चला हैं
साँसों की आवाजाही में
कोई गतिरोध नहीं
दिल