पहला
वो किताब-सी लड़की है
उसे किताब की तरह ही पढ़ता हूँ
कभी कुछ समझ जाता हूँ
कभी कुछ छूट जाता है,
लेकिन जब भी पढ़ता हूँ
कुछ नया सीख जाता हूँ...
दूसरा
मेरे दिल के अक्षर थिरकते है
जब से तुम्हारे दिल की किताब को देखा है
जी चाहता है तुम्हें पढ़कर
जीवन में नया अध्याय जोड़ लूँ....
अनुज खर्ब


