बारिश के मौसम में

गरीब की छत

जब रिसती है

तो घर के बर्तनों में

खाने की जगह

पानी टपकता हैं।


यह देख

वह अंदर ही अंदर

अपने घुटनों को

पेट में ओढ़ लेता है


तब ये तुम्हारे

सही-गलत

कहीं दफ़्न हो जाते हैं


जिसका ढोल

तुम रोज़ बजाते हों...।


~अनुज खर्ब/@Anujkharb2