कौन जाने यह कैसा भँवर है

सड़कों को आज मिट्टी से डर है


सत्य भी है गुमसुम

यह दृष्टिहीन शहर है


कोई है रोता

किसी के लिये 16 मोहर है


न इधर है

न उधर है

नैतिकता किधर है?

यह राजनीति का असर है

यह राजनीति का असर है...।


~अनुज खर्ब/ @AnujKharb2