प्यार करना सीखो पेड़ की कली सेहो जाओ मुख्त ज़िन्दगी की बली सेउसने कहाँ अपनी शक्ल दिखा देनाजब भी मैं गुज़रू तुम्हारी गली से
प्यार करना सीखो पेड़ की कली से
हो जाओ मुख्त ज़िन्दगी की बली से
उसने कहाँ अपनी शक्ल दिखा देना
जब भी मैं गुज़रू तुम्हारी गली से