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मां


माँ,मेरा अस्तित्व,मेरी रूह हो तुमसारा जगत है धूप मेरी छाव हो तुम

हो रक्त के कण कण में, हृदय में,हर क्षण मेंहै कोई भी मायूसी तो उल्लास हो तुम❤️

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