मैंने जाना की वो भूल है,गुनाह है,अपराध है
मैंने माना कि मैं सही हूं,सच हूं,मेरा ईमान है।
मैंने जाना की ये समाज है, रित है,रिवाज है
मैंने माना की मेरी भी सांस है,धड़कन है, ख़वाब है।
मैंने जाना कि आपकी इज्ज़त है, उसूल है,शान है
मैंने माना कि मेरी सोच है,विचार है, भावनाएं है।
मैंने देखा कि वो बड़ा है,छोटा है,अमीर है,गरीब है
मैंने जाना कि हम इंसान है, जीवन है, खुबसूरत है,हसीन है।

