एक दिन कोरोना देव से

हो गया आमना सामना

तो मैंने भी पूछ लिया, की प्रभु क्या 

अभी कुछ और भी है कामना

 

आप ने तो कैद हमें अपने ही घरों में कर दिया

अब तो कीजिये हम पर थोड़ी सी दया

शॉपिंग मॉल में हमने महीनों से पैसे नहीं उड़ाए

बहुत दिनों से हमने पिज़्ज़ा और बर्गर भी नहीं खाये


ना ही देखी मल्टीप्लेक्स में

कोई शाहरुख, सलमान की पिक्चर

हमारे मनोरंजन की गाडी का तो

आपने कर दिया, टायर ही पंचर

 

घर की चावल दाल रोटी खा, खा

अब गया है मन, बिलकुल ऊब

मिल जाते टुंडे के कबाब या घसीटाराम की चाट

तो बात होती क्या खूब

 

पर आपने तो सब कर दिया चौपट

अब तो बहार भी नहीं निकल सकते

बिना अपना मुँह छुपाये

इस जटिल समस्या का प्रभु, कुछ तो करिये उपाय


कोरोना देव मंद मंद मुस्कुराए

और फिर हमको पूरी कहानी समझाए

की तुम लोगो ने पृथ्वी पर इतना किया उत्पात

वनो, पशुओ, हिमशिखरों पे सहस्त्रों किये आघात

 

इस लिए, मुझको पृथ्वी पर आना पड़ा साक्षात

तुम लोगो को समझाने तुम्हारी औकात

ये तो था मेरे क्रोध का एक छोटा सा नमूना

बस ये मनाओ की मैं अब कुछ और करूँ ना 

 

मेरे आने में तुम लोगो का ही है कसूर

लेकिन घबराओ नहीं, संभलने का एक मौका दूंगा जरूर

अबकी नहीं संभले तो पीछे है मेरा बड़ा भाई हंटा

बजाने के लिए तुम लोगो का पूरी तरह से घंटा


अगर अब भी तुम लोगो ने अपनी भूल न मानी

और ऐसे ही करते रहे प्रकृति की हानि

तो आगे चलके होगा बहुत पछतावा

अपने काल को तुम स्वयं दोगे बुलावा

 

अगली बार जो हुआ मेरा आगमन

तो प्रलयंकारी होगा मेरा प्रकोप

मनुष्य प्रजाति के संपूर्ण विनाश को

फिर तुम नहीं पाओगे रोक

-अंशुमान