ये जीवन पतंग सा रंग -बिरंगा , अजब अलबेला कई रूप और कई रंग कभी तेज हवा कभी तेज धुप कही पेच उलझे तो कही कटी डोर कोई काटने का जश्न मनाता तो कोई उड़ने का भूल कर ये बात की किसी दिन डोर वाले हाथ ने चाहा तो ज़िन्दगी जमीन पर आ जायगी