
आँखों में आँसू कहाँ ठहरते है
मुस्कुराहट होठों पर ठहरी है कभी ?
यादों के लम्हें भी तो चलते रहते है ज़हन में
क्या अहसासों की चाल धीमी होती है कभी ?
सफ़र में कहाँ ठहरते है ये बादल
ये पेड़ ये धरती आसमान
न दिन रुकता है ना रात ठहरती है
न सपनों का रेला रुकता है कही ?
न बादलों में ब
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