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विराम


मैं उसके लिये दिये की तरह जलता रहावो तैराक हो के भी डूबता छोड गया

वो भूल के ईमान बेईमान हो गयामेरी आखरी साँस पर भी उसका नाम हो गया

मेरी आत्मा का वो शमशान हो गयामेरी जिन्दगी का विराम हो गया

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