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विरह और विरक्ति

जब लिखते हो

तुम अहसास मेरे

मेरी रूह मुस्कराती हैं

आस पास तेरे

पढ़ कर मेरी

मेरी आंखों

की नमी  

और खामोश लबों

 की कहानी

 मुझे अफसोस है

 तुमने मेरा

 तुझ

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