वक्त जाया कुछ ऐसे भी किया
हमने
दिल बहलाने के लिए कोई प्यार से बोला
और राते गवा दी हमनें
ठोकरें हमेशा मासूमियत का नकाब
और लहजे में मिठास ले के आई
लाख कोशिश की हमने खुदगर्जी को
गले लगाने की
हर बार नाकामियों ने हाथ थाम प्रीत निभायी


वक्त जाया कुछ ऐसे भी किया
हमने
दिल बहलाने के लिए कोई प्यार से बोला
और राते गवा दी हमनें
ठोकरें हमेशा मासूमियत का नकाब
और लहजे में मिठास ले के आई
लाख कोशिश की हमने खुदगर्जी को
गले लगाने की
हर बार नाकामियों ने हाथ थाम प्रीत निभायी