मेरे ऐतेबार पर ऐतेबार की आखरी उम्मीद हो तुम
मेरे ख्वाबों की आबरू का आंचल हो तुम
मेरे लबों से निकले लफ्जों की तस्वीर हो तुम
मेरे आंखों की प्यास का साहिल हो तुम
मेरे बेमतलब के रिश्तों का वजूद हो तुम
मेरी उलझनों का श्मशान हो तुम
मेरी कल्पनाओ का घर हो तुम
मेरी ख्वाइशों का विराम हो तुम
मेरी मुस्कराहट का अक्स हो तुम
मेरी रूह का जिस्म हो तुम

