मेरी आंखो की तारीफ वो बेहद करता है

कभी समुंदर तो कभी झील बताता है

हद तो देखो उसकी फिर भी वो

खुद की तलाश मेरे लिखे अल्फाजों में करता है

कुछ इस तरह वो तहसीन को तौहीन में बदलता है

✍️✍️anshisharma_man