उसने नदी छोड़ समंदर का रूख किया
जब प्यास लगी उसने लहरों पर भी अफसोस किया
तलब की बेबसी से हो मजबूर उसने खारा पानी भी पिया
समुंदर की गहराइयों पर बड़ा गुरूर था
जिसको मैंने उसको भी नदी के लिए तरसते देखा


उसने नदी छोड़ समंदर का रूख किया
जब प्यास लगी उसने लहरों पर भी अफसोस किया
तलब की बेबसी से हो मजबूर उसने खारा पानी भी पिया
समुंदर की गहराइयों पर बड़ा गुरूर था
जिसको मैंने उसको भी नदी के लिए तरसते देखा