मान सिंह न मान गुरु सफ़र गाण का शुरु करया

लगन इसी थी सिखण की एक साल म कवि कहलाया

अनपढता न हरा के चार वेद का ज्ञान पाया

सुर्य कवि और गन्धर्व पदविया का सम्मान पाया

19 साल की उम्र म साज का एक नया मुकाम लाया 

इसा डूबा ज्ञान म कला का एक नया मुकाम दिखाया

दे गये कयी अनमोल विरासत ब्र्ह्ंम ज्ञान त अवगत कराया

ज्ञान का इसा अमर अलक जगाया आण पीढीया ती अपणा  

ऋणी बनाया