उड़ा के धुआं खुद की 

जिंदगी में आग लगा रहा है

जिसे शौक कह गुरुर में फिर रहा है

कल यही तेरी काया को खत्म कर

तेरी बेबसी पर हंसेगा

ऐसी भी क्या याद हो गयी 

जिसे भूलने के लिए मौत को आदत बना रहा

ये धुआं नहीं मां बाप के सपने तू उड़ा रहा 

#say no to tobacco