थोड़ी सी हिमाकत तो करता
बेनकाब करने की
मेरी मुस्कराहट के पीछे भी
सैलाब मिलता
खैर छोड़ गलती तेरी भी
क्या थी
खूबसूरत तुझे भी मेरी मुस्कराहट
ही लगती थी
वैसे भी खुदगर्जी की
कहा सजा मिलती है


थोड़ी सी हिमाकत तो करता
बेनकाब करने की
मेरी मुस्कराहट के पीछे भी
सैलाब मिलता
खैर छोड़ गलती तेरी भी
क्या थी
खूबसूरत तुझे भी मेरी मुस्कराहट
ही लगती थी
वैसे भी खुदगर्जी की
कहा सजा मिलती है