अरसे बाद मिल कर
उसे मुझमें मासूमियत की 
 कमी खली
 कोई समझाए उसे
 रौंदें गए फूलो
 का फिर से खिलना 
 नामुमकिन हैं
 शिकायत अपने कदमों से
 करते तो जायज होता