वो मेरी आंखो मे प्रवाह 

बातों में निर्मलता बताता है

और एहसासों को सींचने की

बात करता है

नाजाने कैसी किताबें पढी है उसने

जिसमे नदी का सींचने तो लिखा गया

 पर प्रलय से अंजान रखा गया