ना देर ना विलम्भ है
वो शिव है सटीक है
मोक्ष की राह भी वो
मैं का नाश भी वो
कैलाश का पर्वत भी वो
काशी का जल भी वो
मौन भी वो शोर भी वो
भौर भी वो घनघोर भी वो
जीवान्त भी वो मृतानत
भी वो
सती का अभिमान भी वो


ना देर ना विलम्भ है
वो शिव है सटीक है
मोक्ष की राह भी वो
मैं का नाश भी वो
कैलाश का पर्वत भी वो
काशी का जल भी वो
मौन भी वो शोर भी वो
भौर भी वो घनघोर भी वो
जीवान्त भी वो मृतानत
भी वो
सती का अभिमान भी वो