जुनून की पेंसिल से

सब्र के पन्ने पर

मंजिल का नक्शा तैयार तो कर

कोशिशो को बना राह

 सफर का अंजाम हैं तय 

सफर की शुरवात तो कर

बन कर मील का पत्थर

सहारा बनेंगे किसी का

तेरे कदमों के निशान 

✍️✍️❤️