मै तेरी परछाई हूंमेरे वजूद की सच्चाई है तूहैसियत कहा मेरी कलम कीजो इन पन्नो पर समेट दे तूझेतेरे संस्कारों की स्याही नेतो इसके आस्तित्व कीहिफाजत कीमां मेरे लिए तोकुदरत का सपष्ट रूप है तू