कैसे खुदकुशी का विचार तेरे जहन में आ गया

जरा याद तो कर उस मा की चीखे 

 एक रोज लड़ी थी जंग मौत से उसने

 तेरी इस दुनिया में हिस्सेदारी की

 यूं ही नही इन सांसों पर हुई तेरी हकदारी थी

  तेरे सपनो का टूटना तेरे दिल का टूटना 

  उस दर्द से तो हरगिज बड़ा ना होगा

  ✍️Himanshi sharma