खंडर को इमारत बनाने चले थे हम
कामयाब हो ही रहे थे की पत्थरों ने
बगावत कर दी
हमे मलबे में दबा देख
आंखों में उठे सवालों का जवाब था
उसका जिसने तोड़ा उसने पुकारा
दम घुटने से ज्यादा दर्द
खोखलेपन पर वक्त जाया करने का था


खंडर को इमारत बनाने चले थे हम
कामयाब हो ही रहे थे की पत्थरों ने
बगावत कर दी
हमे मलबे में दबा देख
आंखों में उठे सवालों का जवाब था
उसका जिसने तोड़ा उसने पुकारा
दम घुटने से ज्यादा दर्द
खोखलेपन पर वक्त जाया करने का था