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खोखलेपन


खंडर को इमारत बनाने चले थे हमकामयाब हो ही रहे थे की पत्थरों ने

बगावत कर दीहमे मलबे में दबा देख

आंखों में उठे सवालों का जवाब थाउसका जिसने तोड़ा उसने पुकारा

दम घुटने से ज्यादा दर्दखोखलेपन पर वक्त जाया करने का था

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