सती के मोह की राह है शिव

सती के प्रेम का बोध है शिव

सती के माथे का तेज है शिव

सती के सम्मान का आधार है शिव



सती के भावो की अभिव्यक्ति है शिव

सती के सक्ती रुप की अनुभूति है शिव

सती के तप का कारण है शिव

सती के जप का उच्चारण है शिव



सती की आत्मा का स्थान है शिव

सती की सक्ती का स्तोत्र है शिव

सती की नियती का लेख है शिव

सती की भ्ग्ती का उलेल्ख है शिव