मिलते हैंतो खुद कोफकीर बताते हैंइश्क मांगते हैंहाथ थामते हैहासिल करते हैंहक जमाते हैंठगते हैएक गांव को श्मसान बनाते हैंफिर नया शहर बसाते हैबड़े अजीब लोग हैंये खाक को देख करअफसोस जताते हैं