जितना दिल दुखे उतना दिल से मुस्कुराना तुम,मुश्किल सफर है जिंदगी ऐ मुसाफिर फिर भी ना घबराना तुम,गिरो, टूटो, बिखरो, रक्त बहे चाहे राहों में,उठो चल दो मुस्कान लिए लोगो की निगाहो में.
जितना दिल दुखे उतना दिल से मुस्कुराना तुम,मुश्किल सफर है जिंदगी ऐ मुसाफिर फिर भी ना घबराना तुम,
गिरो, टूटो, बिखरो, रक्त बहे चाहे राहों में,उठो चल दो मुस्कान लिए लोगो की निगाहो में.