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alvida


तेरे कूचे से यूं, दबे पांव हम निकलेशहर की बेरुखी से, जैसे आशियां निकले।

गम-ए-आसमां की धूप में चलते ही जाते हैंइस बार जो निकले, लेकर आशियां निकले।।

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