कुछ है तुम्हारे पास,

जिससे तुम कर सको,

प्रयास अंतिम लेकिन प्रगाढ़,

उस बच्चे को हंसाने का,

जिसकी मां ने खोया अपना सुहाग,

क्या कर सकते हो?

तुम कुछ ऐसा जो,

नई दिखने वाली पुरानी कुंठा,

का अंत कर सकते हो,

बिना किए कोई हिंसा,

क्या तुम्हारे अंदर बचा है साहस?

तुम पूछ सकते हो उस आदिम,

उस कठोर सभ्यता से,

की आखिर नरसंहार ही

क्या अंतिम उपाय है शांति का?

तुम्हारी बात को अनसुना,

बेबुनियाद बताया जा सकता है,

क्या तुम फिर से बुलंद कर सकते हो?