हाँ मैं ही बलात्कारी समाज हूं,
सिर्फ तन से नही मन से भी मैं जहरीला पदार्थ हूं।
इतने छोटे कपड़े क्यों पहने?
जानते नही मैं पुरुष प्रधान हूं?
अरे.....
कैसे जानोगे मैं ही तो किसी का बेटा और किसी का बाप हूं।
"माँ बहन पर मत जा" - कहता हूँ जब घर वालो को कोई गाली देता है,
पर औरो की माँ बहन को देख कर संस्कार भूलने वाला गजनी का आमिर खान हूं।
इंसान हूं या हैवान हूं?
सच बताऊ मैं तो शैतान का भी बाप हूं।
घर की इज़्ज़त प्यारी लेकिन औरो के लिए अभिशाप हूं।
कैसी घर की इज़्ज़त?
मैं ही तो फालूता बनाता किसी की घर की इज़्ज़त का रोज़ रात हूं।
हाँ हाँ मैं ही बलात्कारी समाज हूं।
मैं ही पुरुष प्रधान समाज हूं।
गढ़ देता हूं दोष सारा निर्दोष पर
साथ ही मैं राजनीति के लिए दुकान हूं
मैं ही बलात्कारी समाज हूं
बहुत खुशी मिलती है जब मेरे फैलने पर लोग लगते सरकार को घेरने
अरे मूर्खो!
मैं सरकारी नही सामाजिक दुराचार हूं।
दुख इतना
हवस तुम्हारी लेकिन मैं बदनाम हूं,
ठरक तुम्हारी लेकिन मैं उपनाम हूं।
मैं ही बलात्कारी समाज हूं,
जानते नही मैं पुरुष प्रधान हूं?
अच्छा अब सच बताना कितनो ने मेरे खिलाफ आंदोलन किआ ?
जनपथ ही नही असल मे मुझको फैलने से रोका?
जानता हूं एक भी नही
मैं ही तो तुम्हारे लिए मनोरंज का समाचार हूं।
हाँ हाँ मैं ही बलात्कारी समाज हूं।
- अंकुश ( निग्रह ) / @UndefinedAF


