महाभारत का रण याद होगा।
जब भी धर्म अधर्म का नाम होगा,
महाभारत का रण याद होगा,
भू पर पड़े शीशों से लदी धरती,
और याद दुर्योधन का अहंकार होगा।
चर अचर भी वो मंजर सुन कांपेंगे,
विध्वंस कपटियों का संसार होगा,
घृणा, लालच, कपट से परिपूर्ण कौरव,
और याद पांडवों का प्रतिकार होगा।
दुर्योधन जैसे कपटी, अधर्मी, अज्ञानी,
लोभी, अहंकारियों का संहार होगा,
सुमार्ग पर आरूढ़, अहंकार रहित,
अर्जुन को ये काल का न्याय होगा।
दुर्योधन, अर्जुन का सामना फिर,
धर्म युद्धस्थल मे एक बार होगा,
कांपेंगे फिर वो मंजर देख कौरव,
जब अधिक अधर्म का प्रभाव होगा।
अंकुश "निग्रह" ( @UndefinedAF)


