कुचल कर पेड़ तुमको क्या मिलेगा।बड़ा होकर शजर ये छाँव देगा।कोई कोयल यहाँ सरगम कहेगी।कोई तोता यहाँ कविता पढ़ेगा।
कुचल कर पेड़ तुमको क्या मिलेगा।बड़ा होकर शजर ये छाँव देगा।
कोई कोयल यहाँ सरगम कहेगी।कोई तोता यहाँ कविता पढ़ेगा।