
"फौजी"
बारूदी बंदूख लिए
खड़ा मौत के बाजार,
रह रहकर ताकता दुश्मन
की हुंकार...
फौजी बनना उसने खुद चुना
दो रस्ते थे उसके सामने
फ़ौज या मौज
उसके सब साथी मौज में है
और वो फ़ौज में...
फौजी कहता है
मेरी किसी से दुश्मनी नहीं है
हालाँकि अब क
Read More! Earn More! Learn More!
