चंद पैसों में बेच दिया जिसने मेरा देश यहां,
खुले मे घूमे देशद्रोही निडर और बेख़ौफ यहाँ,
सारे सबूत सारी सच्चाई मिटा दी गई फिर एक दफा,
एक दफा फिर झूठ ही जीता इंसाफ मिलेगा अब कहाँ।


चंद पैसों में बेच दिया जिसने मेरा देश यहां,
खुले मे घूमे देशद्रोही निडर और बेख़ौफ यहाँ,
सारे सबूत सारी सच्चाई मिटा दी गई फिर एक दफा,
एक दफा फिर झूठ ही जीता इंसाफ मिलेगा अब कहाँ।