छोड़ ना यार जाने दे...


बदक़िस्मती की लात हो, 

बिगड़े सब हालात हो,

सब देखे नया सवेरा फिर भी, 

तेरे लिए बस रात हो,

हंस ले थोड़ा दो पेग मार,

मत मायूसी को आने दे,

छोड़ ना यार जाने दे...


थोड़ा कड़वा थोड़ा फीका, 

जीने में ना कोई स्वाद हो,

कितनी बातें रखी दिल में, 

कहने को ना कोई साथ हो,

ख़ुद बन जा अपना दीवाना, 

हर ग़म में ख़ुशियाँ आने दे,

छोड़ ना यार जाने दे...


मिलती है सांसें गिनती की,

मिलते हैं कुछ पल मुश्किल से,

हंसना रोना पाना खोना ,

हर लम्हा जीना इनमें से,

क्या होगा कल किसने जाना,

बस आज को भीतर आने दे,

छोड़ ना यार जाने दे...


रह जाती दौलत पड़ी यहीं,

रह जाते सब अपने रोते,

रह जाती हैं खुशियां सारी,

जो बांटी तूने सबमें है,

हर शख़्स को तूने रुला दिया ,

आखिर में खुद के जाने पे,

हंस ले थोड़ा दो पेग मार,

मत मायूसी को आने दे,

छोड़ ना यार जाने दे...