जीवन जैसा मिल रहा है उसे स्वीकार करता हूँ |न गिला, न शिकवा, न शिकायतें हजार करता हूँ |सुख दुःख तो मन की अवस्थाएँ है |रहमतों पर तेरी सजदे बार बार करता हूँ |
जीवन जैसा मिल रहा है उसे स्वीकार करता हूँ |न गिला, न शिकवा, न शिकायतें हजार करता हूँ |
सुख दुःख तो मन की अवस्थाएँ है |रहमतों पर तेरी सजदे बार बार करता हूँ |