खुद को इतना सींच लूं |
प्रेम से सब जीत लूं |
वेदों का उपदेश प्रेम, धर्मों का संदेश प्रेम |
संतों की वाणी भी प्रेम, अवतरणों की कहानी है प्रेम |
कुछ तो मैं भी सीख लूं |
प्रेम से सब जीत लूं |
मानव को बनाना प्रेम, सम्बंधों को निभाना प्रेम |
समाज में रहना है प्रेम, हृदय से कुछ कहना भी प्रेम |
एक डोर से सबको खींच लूं |
प्रेम से सब जीत लूं |
इन्सानों ने इन्सान है जीते |
भक्तों ने भगवान है जीते |
प्रेम की शक्ति है ऐसी |
कृपा सिन्धु, कृपा निधान हैं जीते |
भर दो रोम रोम दिव्य प्रेम से |
इतनी सी बस भीख लूं |
प्रेम से सब जीत लूं |
by Ankur Aggarwal


