वक़्त ने मुझे खुद बताया है |

बार-बार एहसास कराया है |

सब के प्यार का कुछ न कुछ तो मोल है |

सिर्फ एक माँ का प्यार ही निर्वाज्य और अनमोल है |



~ अंकुर अग्रवाल