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झूठ


जिनको लगता है किसी को कुछ नही पता |उनसे जाकर कहदो सब को सब है पता |

झूठ बोलना तो शौंक है तुम्हारा |फरेब का हुनर भी तुम्हे है अता |

— अंकुर अग्रवाल
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